प्रधान मंत्री पीक विमा योजना | PM Peek Vima Yojana

By | November 1, 2019
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प्रधानमंत्री पीक विमा योजना:-देश में पहली फसल बीमा योजना की शुरुआत सन 1949 में की गयी थी | राज्य में खरीब फसल की बीमा योजना-1 को 2016 में बंद कर दी गयी और अधिसूचित क्षेत्र में फसलों के लिए व्यापक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की जाएगी

प्रधान मंत्री पीक बीमा योजना के तहत किसानों को धान, खरीफ ज्वार, बाजरा, मूंग, उदीद, अरहर, सोयाबीन, कपास और सूरजमुखी की फसल का भुगतान किया जा सकता है। कॉमन सर्विस सेंटर से ऑनलाइन आवेदन का कोई चार्ज फीस नही ली जाएगी

प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना

प्रधान मंत्री पीक विमा योजना | PM Peek Vima Yojana

केन्द्रीय मंत्री मंडल से 3 जनवरी, 2010 को प्रधानमंत्री पीक बीमा योजना को मंजूरी मिली| योजना के क्रियान्वयन के लिए पुरे राज्य में 1 बीमा कम्पनी होगी और बाकि जो प्राइवेट बीमा कम्पनी भी भरतीय कृषि बीमा कम्पनी से सम्बन्धित होगी| इस योजना में बीमा केवल आय व हानि तक ही सीमित नही है अपितु फसल के बाद होने वाले नुकशान जेसे तूफान, भूकम्प, गैर मानसूनी बारिश आदि होने पर भी आवेदक को बीमा का मुआवजा दिया जायेगा|

प्रधान मंत्री पीक विमा योजना उदेश्य

  1. इस योजन का मुख्य उदेश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है जिससे किशानो की मदद की जा सके |
  2. योजना के अंदर किसानों को नई और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जायेगा जिससे उनकी लागत कम और उत्पाद बढ़ाया जा सके|
  3. किशानो के लिए यह आवश्यक है की वे अपनी आय स्थिर बनाये रखे जिससे उनके जीवन यापन में कोई दिक्कत नही आये, आवश्यकता पड़ने पर बीमा उन्हें सहायता प्रदान करेगी |

प्रधान मंत्री पीक विमा योजना की मुख्य विशेस्ताए

  1. इस बीमा योजना में बहुत कम प्रीमियम (बीमित राशि) का भुगतान करना पड़ता है|
  2. योजना में 90% से अधिक भार सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  3. दाल, तिलहन, अनाज आदि के लिए प्रति सीजन केवल एक दर होगी।
  4. योजना में सम्पूर्ण बीमा राशी का भुगतान किया जायेगा नुकसान किसी भी प्रकार से कम नही आँका जाना चाहिए

फसल क्षति की रिपोर्ट करने के तरीके

प्रधानमंत्री पीक विमा योजना में पंजीकृत किसानो को घटना के 48 धंटे के अन्दर सुचना दी जाएगी, जिसके अंदर नुकसान की तारीख, समय, नुकसान के कारण, सर्वेक्षण संख्या, बीमा कंपनी, संबंधित बैंक, कृषि विभाग या टोल फ्री नंबर शामिल होंगे|

विभाग की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के लिए क्लिक करे |

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